Bageshwar Dham Balaji Cmplete Informetion: बागेश्वर धाम बालाजी क्या है? पूरा इतिहास और महत्व

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Bageshwar Dham Balaji Cmplete Informetion: आजकल सोशल मीडिया से लेकर गाँव-गाँव तक एक ही नाम गूँज रहा है – बागेश्वर धाम बालाजी। लोग कहते हैं कि यहाँ आने से बिगड़े काम बन जाते हैं, असाध्य बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं और दरबार में बैठे पंडित जी (बागेश्वर धाम सरकार) बिना बताए व्यक्ति की सारी परेशानी बता देते हैं। आखिर ये बागेश्वर धाम है क्या? ये बालाजी का मंदिर कब और कैसे बना? इसका इतिहास क्या है और आज इतनी श्रद्धा क्यों जुड़ रही है? आज इस लेख में हम आपको बहुत ही सरल भाषा में बागेश्वर धाम बालाजी का पूरा इतिहास, महत्व और सच्चाई बताने जा रहे हैं।

बागेश्वर धाम कहाँ स्थित है?

बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गढ़ा गाँव (गढ़ा-गाँव) में स्थित है। भोपाल से लगभग 300 किलोमीटर और खजुराहो से सिर्फ 70-80 किलोमीटर दूर है। यहाँ का पूरा नाम श्री बागेश्वर धाम सरकार है और मुख्य देवता हनुमान जी (बालाजी) हैं। यहाँ साल भर भक्तों की भीड़ रहती है, खासकर मंगलवार और शनिवार को तो पैर रखने की जगह नहीं मिलती।

बागेश्वर धाम बालाजी का इतिहास

प्राचीन काल से जुड़ी कथा

लोगों का मानना है कि यह स्थान सैकड़ों वर्ष पुराना है। त्रेता युग में जब भगवान राम लंका से लौट रहे थे तो रास्ते में यहाँ विश्राम किया था और हनुमान जी को यहीं छोड़कर गए थे। इसलिए इसे “बागेश्वर” (बाघ का स्वामी) भी कहा जाता है क्योंकि प्राचीन काल में यहाँ जंगल और बाघों का निवास था।

आधुनिक इतिहास – संत श्री रामेश्वराम बाबा जी

सच्चाई यह है कि आज जिस बागेश्वर धाम को हम जानते हैं, उसकी नींव रखी श्री रामेश्वराम बाबा जी ने। ये सन् 1980-90 के दशक की बात है। बाबा जी एक सिद्ध पुरुष थे, जो साधना करते थे। उन्होंने यहाँ एक छोटा सा हनुमान मंदिर बनवाया और खुद ही पूजा-पाठ करने लगे। धीरे-धीरे लोगों की बीमारियाँ ठीक होने लगीं, परेशानियाँ दूर होने लगीं और चमत्कार की बातें फैलने लगीं।

वर्तमान पीठाधीश्वर – पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी

वर्तमान में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी हैं, जिन्हें लोग प्यार से बागेश्वर धाम सरकार या बाबा जी कहते हैं। इनका जन्म 4 जुलाई 1996 को गढ़ा गाँव में ही हुआ था। मात्र 12-13 साल की उम्र में ही ये कथा वाचक बन गए थे। इनके दादा जी (श्री रामेश्वराम बाबा) ने इन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया। आज ये देश-विदेश में कथा करते हैं और बागेश्वर धाम में दिव्य दरबार लगाते हैं।

बागेश्वर धाम में क्या होता है? (दिव्य दरबार की सच्चाई)

बागेश्वर धाम की सबसे बड़ी खासियत है – दिव्य दरबार। यहाँ लोग अपनी समस्या लिखकर एक पर्ची भरते हैं और उसे बंद लिफाफे में रखते हैं। बाबा जी बिना पर्ची खोले ही भक्त की सारी बातें बता देते हैं और समाधान भी बताते हैं। लोग इसे चमत्कार मानते हैं।

कुछ मुख्य बातें:

  • दरबार मंगलवार और शनिवार को लगता है
  • सुबह 7 बजे से दोपहर तक हजारों लोग लाइन में लगे रहते हैं
  • बाबा जी भक्तों को हनुमान जी का आशीर्वाद देते हैं
  • कई लोग कहते हैं कि यहाँ से जाने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई

बागेश्वर धाम बालाजी का महत्व क्यों बढ़ रहा है?

कारणविवरण
चमत्कारिक कथाएँलोग बताते हैं कि लाइलाज बीमारी, कोर्ट-कचहरी, नौकरी, विवाह जैसी समस्याएँ यहाँ ठीक हो जाती हैं
सोशल मीडिया का प्रभावयूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर लाखों वीडियो वायरल हैं जिसमें बाबा जी बिना बताए परेशानी बता रहे हैं
हिंदू संस्कृति का पुनर्जागरणबागेश्वर धाम सरकार खुलकर सनातन धर्म की रक्षा की बात करते हैं, जिससे युवा बहुत जुड़ रहे हैं
निःशुल्क सेवायहाँ ना कोई दक्षिणा अनिवार्य है, ना टिकट। जो मन में आए दे जाए

यहाँ आने का सबसे अच्छा समय और नियम

  • सबसे अच्छा समय: मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, राम नवमी
  • क्या लाना चाहिए: नारियल, लाल कपड़ा, फूल-माला, अपनी पर्ची
  • क्या नहीं करना: मांस-मदिरा, झूठ बोलना, फोटो-वीडियो (दरबार में प्रतिबंधित है)
  • रहने की व्यवस्था: धाम परिसर में मुफ्त धर्मशाला और भंडारा 24 घंटे चलता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: बागेश्वर धाम जाने के लिए ऑनलाइन टोकन लेना पड़ता है? उत्तर: हाँ, अब भीड़ बहुत है इसलिए ऑनलाइन टोकन सिस्टम शुरू हो गया है। आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से टोकन ले सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या सचमुच बाबा जी बिना बताए सब बता देते हैं? उत्तर: लाखों लोगों का अनुभव है कि हाँ, लेकिन ये हनुमान जी की कृपा और बाबा जी की साधना का फल है।

प्रश्न 3: क्या यहाँ पैसे माँगे जाते हैं? उत्तर: बिल्कुल नहीं। दान स्वैच्छिक है। दानपात्र रखे हैं, जितना मन करे डालें।

प्रश्न 4: छोटे बच्चे और बुजुर्ग जा सकते हैं? उत्तर: बिल्कुल जा सकते हैं। व्हीलचेयर की भी व्यवस्था है।

प्रश्न 5: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट कौन सा है? उत्तर: खजुराहो रेलवे स्टेशन (80 किमी) और खजुराहो एयरपोर्ट।

निष्कर्ष

बागेश्वर धाम कोई साधारण मंदिर नहीं है। यहाँ आकर मन को जो शांति मिलती है, वो शब्दों में बयाँ नहीं की जा सकती। चाहे आप चमत्कार पर विश्वास करें या ना करें, लेकिन यहाँ का वातावरण, भंडारे का प्रसाद, हनुमान जी की आराधना और बाबा जी का सान्निध्य – सब कुछ दिव्य है।

अगर आप जिंदगी में किसी परेशानी से गुजर रहे हैं या बस हनुमान जी के दर्शन करना चाहते हैं तो एक बार बागेश्वर धाम बालाजी जरूर जाएँ। About Us

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