Baba Bageshwar: अगर आप भी बागेश्वर धाम सरकार की कृपा पाना चाहते हैं और सोच रहे हैं कि “बागेश्वर धाम बालाजी का दर्शन कैसे करें”, तो ये लेख आपके लिए ही है। लाखों श्रद्धालु हर महीने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम पहुँचते हैं। यहाँ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर बालाजी के दरबार में मुख्य संचालक) की दिव्य दरबार लगता है और लोगों की अर्ज़ी-दरख़्वास्त सुनी जाती है।
इस लेख में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में बताएंगे कि आप घर बैठे ऑनलाइन टोकन कैसे बुक करें, ऑफलाइन कैसे पहुँचें, क्या-क्या लेकर जाएं, दर्शन का सही समय क्या है और भी बहुत कुछ। तो चलिए शुरू करते हैं!
बागेश्वर धाम कहाँ स्थित है?
- पूरा पता: ग्राम गढ़ा, तहसील गौरिहार, जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश – 471105
- निकटतम रेलवे स्टेशन: खजुराहो (लगभग 60 किमी) या हरपालपुर (लगभग 35 किमी)
- निकटतम एयरपोर्ट: खजुराहो एयरपोर्ट (60 किमी)
- सड़क मार्ग: भोपाल, सतना, जबलपुर, ग्वालियर, कानपुर से सीधी बसें मिलती हैं।
बागेश्वर धाम बालाजी दर्शन के लिए ऑनलाइन टोकन कैसे बुक करें? (सबसे आसान तरीका 2025)
अब बागेश्वर धाम में बिना टोकन के दर्शन लगभग नामुमकिन है क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा रहती है। अच्छी बात ये है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और बिल्कुल फ्री है।
स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन टोकन बुकिंग प्रक्रिया:
- अपने फोन में Google Chrome या कोई भी ब्राउज़र खोलें।
- ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: https://token.bageshwardham.co.in
- “Register / Login” पर क्लिक करें।
- अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP डालें।
- अब “Book Token” का ऑप्शन आएगा।
- तारीख चुनें (आमतौर पर 15-20 दिन बाद की तारीखें उपलब्ध रहती हैं)।
- कितने लोग जा रहे हैं, उसकी संख्या डालें (अधिकतम 5-6 लोग एक टोकन में)।
- सब्मिट करें → आपके मोबाइल पर SMS और वेबसाइट पर QR कोड वाला टोकन आ जाएगा।
- इस टोकन का प्रिंट निकाल लें या फोन में सेव करके रखें।
नोट: टोकन सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक खुलते हैं। रात 12 बजे नए स्लॉट खुलते हैं, इसलिए रात को ही कोशिश करें।
बागेश्वर धाम पहुँचने के बाद क्या करें? पूरा दिन का प्लान
सुबह 4-5 बजे पहुँचें
- टोकन में लिखी तारीख पर सुबह 4-5 बजे तक गेट पर पहुँच जाएं।
- लाइन में लगने से पहले जूता-चप्पल बाहर ही उतार दें (फ्री चप्पल घर उपलब्ध है)।
सामान कहाँ रखें?
- मुख्य गेट के पास फ्री लॉकर रूम है।
- मोबाइल, पर्स, बैग सब वहाँ जमा कर सकते हैं (केवल ₹10-20 चार्ज लगता है)।
दर्शन और दरबार का समय (2025 अपडेटेड टाइम टेबल)
| दिन | दरबार का समय | टोकन वालों का दर्शन | सामान्य श्रद्धालु |
|---|---|---|---|
| सोमवार | सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे | हाँ | केवल दूर से |
| मंगलवार | सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे | हाँ | हाँ |
| बुधवार-रविवार | बंद | बंद | बंद |
खास बात: मंगलवार को सबसे ज्यादा भीड़ रहती है क्योंकि ये हनुमान जी का दिन है।
क्या-क्या लेकर जाएं और क्या न लेकर जाएं?
जरूर लेकर जाएं:
- टोकन का प्रिंट आउट या फोन में स्क्रीनशॉट
- आधार कार्ड या कोई फोटो ID प्रूफ
- नारियल, लाल कपड़ा, फूल-माला (पूजा के लिए)
- अर्ज़ी पत्र (सादे कागज पर अपनी मनोकामना लिखकर लाएं)
- पानी की बोतल (धाम में भर सकते हैं)
न लेकर जाएं:
- मोबाइल अंदर ले जाना पूरी तरह बैन है (फोटो-वीडियो सख्त मना है)
- चमड़े का कोई सामान (बेल्ट, पर्स आदि)
- ज्यादा नकदी
बागेश्वर धाम में रुकने-खाने की व्यवस्था
| सुविधा | किराया/चार्ज | जानकारी |
|---|---|---|
| धर्मशाला कमरा | ₹200-500 प्रति दिन | पहले आओ पहले पाओ, बुकिंग नहीं होती |
| भोजन प्रसाद | बिल्कुल फ्री | सुबह-शाम दो बार मिलता है |
| विशेष भंडारा | फ्री | हर मंगलवार और बड़े त्योहारों पर |
| नहाने की व्यवस्था | फ्री | साफ-सुथरे बाथरूम उपलब्ध |
सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या बिना टोकन के दर्शन हो सकता है? उत्तर: बहुत मुश्किल। सिर्फ बहुत बुजुर्ग, दिव्यांग या छोटे बच्चे वाले परिवार को कभी-कभी छूट मिल जाती है, बाकी सबको टोकन जरूरी।
प्रश्न 2: एक टोकन में कितने लोग जा सकते हैं? उत्तर: अधिकतम 6 लोग (परिवार के सदस्य ही)।
प्रश्न 3: टोकन कब खुलते हैं? उत्तर: हर रात 12 बजे नए स्लॉट खुलते हैं। तेज़ इंटरनेट और तेज़ उंगलियाँ चाहिए!
प्रश्न 4: क्या लड़कियों/महिलाओं के लिए अलग लाइन है? उत्तर: हाँ, महिलाओं के लिए अलग से तेज़ लाइन होती है।
प्रश्न 5: बागेश्वर धाम में फोटो खींच सकते हैं? उत्तर: मुख्य मंदिर और दरबार क्षेत्र में बिल्कुल नहीं। बाहर गेट के पास फोटो खींच सकते हैं।
प्रश्न 6: अगर टोकन की तारीख मिस हो जाए तो? उत्तर: टोकन एक्सपायर हो जाता है, दोबारा बुक करना पड़ेगा।
अंतिम कुछ जरूरी टिप्स (जो कोई नहीं बताता)
- गर्मी में सुबह 4 बजे तक पहुँच जाएं, दोपहर में बहुत गर्मी पड़ती है।
- मंगलवार को न जाएं अगर भीड़ से डर लगता है।
- अर्ज़ी पत्र में साफ-साफ अपनी इच्छा लिखें और बाबा के चरणों में रखें।
- धाम में चप्पल-जूते खो न जाएं, इसलिए पुराने ही पहनकर जाएं।
- वापसी का टिकट पहले से बुक कर लें क्योंकि बसें फुल हो जाती हैं।
निष्कर्ष
बागेश्वर धाम बालाजी का दर्शन करना सचमुच एक अद्भुत अनुभव है। बस थोड़ी सी प्लानिंग कर लीजिए, ऑनलाइन टोकन समय पर बुक कर लीजिए और सच्चे मन से बाबा के दरबार में पहुँचिए। बाबा की कृपा ऐसी है कि एक बार जो चला जाता है, बार-बार खींचा चला आता है।
जय बागेश्वर बालाजी की! अगर ये लेख पसंद आया तो अपने परिवार-दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वो भी सही तरीके से दर्शन कर सकें। ABOUT US